अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौते की उम्मीद और होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना दिया है। इसका असर भारत पर भी दिखा। हफ्ते की शुरुआत में रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज की और घरेलू शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली।
रुपये की रिकवरी
सोमवार को इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 95.36 पर खुला और कुछ ही देर में मजबूत होकर 95.20 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को भी रुपये में 75 पैसे की मजबूती दर्ज हुई थी। फरवरी के अंत से मिडिल ईस्ट संकट के चलते रुपया लगातार दबाव में था और डॉलर के मुकाबले 6% से अधिक गिर चुका था।
आरबीआई की सतर्कता
रुपये की मजबूती के पीछे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका भी अहम रही। आरबीआई डॉलर की हर हलचल पर नजर बनाए हुए है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में छुट्टी होने के कारण डॉलर की कैश डिमांड कम रही, जिससे रुपये को सहारा मिला।
ट्रेड एग्रीमेंट की उम्मीद
अमेरिका और भारत के बीच संभावित ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बाजार में उत्साह है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के जल्द भारत दौरे पर आने की उम्मीद है, जिससे बातचीत और आगे बढ़ सकती है।
क्रूड ऑयल और शेयर बाजार
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में 5.43% की गिरावट दर्ज हुई और यह 97.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इससे भारत के आयात बिल का बोझ कम होगा। वहीं, घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल रहा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 908.98 अंक उछल गया।















